Popular:
ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 6 • Mantra / Rik 4

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 6 • ऋचा / मन्त्र 4

9.6.4

Mantra ID: 9.6.4

अनु॑ द्र॒प्सास॒ इन्द॑व॒ आपो॒ न प्र॒वता॑सरन् । पु॒ना॒ना इन्द्र॑माशत ॥ (४)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 9.6.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

द्रुतगति वाले और टपकते हुए सोम इस प्रकार इंद्र के पीछे चलते हैं, जिस प्रकार जल नीचे की ओर बहते हैं एवं उन्हें व्याप्त करते हैं. (४)

EN English Translation

The fast-paced and dripping Som follows Indra in this way, just as the water flows downwards and pervades them. (4)

卐 HinduText AI