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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 6 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 6 • ऋचा / मन्त्र 7

9.6.7

Mantra ID: 9.6.7

दे॒वो दे॒वाय॒ धार॒येन्द्रा॑य पवते सु॒तः । पयो॒ यद॑स्य पी॒पय॑त् ॥ (७)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.6.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

इंद्र के निमित्त निचोड़ा हुआ सोमरस धारा के रूप में टपकता है. सोम का रस इंद्र को तृप्त करता है. (७)

EN English Translation

The squeezed somras for indra's sake drips as a stream. The juice of soma satisfies Indra. (7)

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