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9.61.7
ए॒तमु॒ त्यं दश॒ क्षिपो॑ मृ॒जन्ति॒ सिन्धु॑मातरम् । समा॑दि॒त्येभि॑रख्यत ॥ (७)
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ऋग्वेद मन्त्र 9.61.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
नदियों के पुत्र सोम को दस उंगलियां मसलती हैं. सोम आदित्यो के साथ मिलते हैं. (७)
EN English Translation
The son of rivers rubs ten fingers to Som. Som meets with Aditya. (7)