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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 64 • Mantra / Rik 12

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 64 • ऋचा / मन्त्र 12

9.64.12

Mantra ID: 9.64.12

स नो॑ अर्ष प॒वित्र॒ आ मदो॒ यो दे॑व॒वीत॑मः । इन्द॒विन्द्रा॑य पी॒तये॑ ॥ (१२)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.64.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे दीप्तिशाली, नशीले एवं अतिशय देवाभिलाषी सोम! तुम इंद्र के पीने के लिए हमारे दशापवित्र पर गिरो. (१२)

EN English Translation

O glorious, intoxicating and very devabhilashi Mon! You fall on our dashapavittra to drink of Indra. (12)

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