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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 68 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 68 • ऋचा / मन्त्र 7

9.68.7

Mantra ID: 9.68.7

त्वां मृ॑जन्ति॒ दश॒ योष॑णः सु॒तं सोम॒ ऋषि॑भिर्म॒तिभि॑र्धी॒तिभि॑र्हि॒तम् । अव्यो॒ वारे॑भिरु॒त दे॒वहू॑तिभि॒र्नृभि॑र्य॒तो वाज॒मा द॑र्षि सा॒तये॑ ॥ (७)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.68.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे ऋषियों द्वारा निचोड़े गए एवं पात्रों में रखे सोम! दोनों हाथों से उत्पन्न दस उंगलियां स्तुतियों एवं यज्ञकर्मो के साथ तुम्हें भेड़ के बालों से बने दशापवित्र में छानती हैं. यज्ञकर्म के नेता ऋत्विजों से गृहीत सोम स्तोताओं के लिए अन्न देते हैं. (७)

EN English Translation

O Soma squeezed by the sages and placed in the characters! Ten fingers produced by both hands filter you in the dasapavitra made of sheep's hair with praises and sacrifices. The leaders of yajnakarma give food for the Som stotas assumed from the ritvijas. (7)

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