Popular:
ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 8 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 8 • ऋचा / मन्त्र 6

9.8.6

Mantra ID: 9.8.6

पु॒ना॒नः क॒लशे॒ष्वा वस्त्रा॑ण्यरु॒षो हरिः॑ । परि॒ गव्या॑न्यव्यत ॥ (६)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 9.8.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

निचुड़ते हुए, कलशों में भली प्रकार स्थित, दीप्तिशाली एवं हरे रंग के सोम गाय के दूध-दही आदि को वस्त्रों के समान ढकते हैं. (६)

EN English Translation

Nishching, well-situated in the kalash, the bright and green-colored mons cover the cow's milk-curd, etc., like clothes. (6)

卐 HinduText AI