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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 81 • Mantra / Rik 4

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 81 • ऋचा / मन्त्र 4

9.81.4

Mantra ID: 9.81.4

आ नः॑ पू॒षा पव॑मानः सुरा॒तयो॑ मि॒त्रो ग॑च्छन्तु॒ वरु॑णः स॒जोष॑सः । बृह॒स्पति॑र्म॒रुतो॑ वा॒युर॒श्विना॒ त्वष्टा॑ सवि॒ता सु॒यमा॒ सर॑स्वती ॥ (४)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.81.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

शोभन दान करने वाले पूषा, सोम, मित्र, वरुण, बृहस्पति, मरुत्‌, वायु, अश्विनीकुमार, त्वष्टा, सविता एवं शोभन शरीर वाली सरस्वती मिलकर हमारे यज्ञ में आवें. (४)

EN English Translation

Pusha, Som, Mitra, Varun, Jupiter, Marut, Vayu, Ashwinikumar, Tvasta, Savita and Saraswati with Shobhan's body should come together in our yajna. (4)

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