Popular:
ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 86 • Mantra / Rik 24

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 86 • ऋचा / मन्त्र 24

9.86.24

Mantra ID: 9.86.24

त्वां सो॑म॒ पव॑मानं स्वा॒ध्योऽनु॒ विप्रा॑सो अमदन्नव॒स्यवः॑ । त्वां सु॑प॒र्ण आभ॑रद्दि॒वस्परीन्दो॒ विश्वा॑भिर्म॒तिभिः॒ परि॑ष्कृतम् ॥ (२४)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 9.86.24 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शुद्ध होते हुए सोम! शोभन कर्मो वाले मेधावी स्तोता रक्षा की अभिलाषा से तुम्हारी स्तुति करते हैं. हे विविध स्तुतियों से अलंकृत सोम! शोभन पंखों वाला बाज तुम्हें स्वर्गलोक से लाया. (२४)

EN English Translation

O you are pure, Mon! The bright hymns with shobhan karma praise you with the desire to protect you. O Mon embellished with various praises! The winged hawk brought you from paradise. (24)

卐 HinduText AI