सत्य, ज्ञान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
क्या भारतीय दर्शन में प्रश्न और असहमति के लिए वास्तविक स्वतंत्रता थी?
Access your bookmarks, reflections & features
By continuing, you agree to our Terms & Privacy Policy.
Help us keep HinduText authentic, respectful, and safe.
क्या भारतीय दर्शन में प्रश्न और असहमति के लिए वास्तविक स्वतंत्रता थी?
हमारा - आपका काम है हर रोज़ जाकर अपनी चाबी लगाना... मतलब अपना काम करना। क्या पता ऊपर बैठा 'बड़ा बाबू' किस दिन हमारे वाले लाकर की अपनी 'किस्मत' वाली चाबी लाकर में लगा दे और हमारा भाग्य चमक जाए...?