Quick Reader Controls
Select Upanishad, Chapter/Khanda, and Mantra
Kena Upanishad 4.2
तस्माद्वा एते देवा अतितरामिवान्यान्देवान्यदग्निर्वायुर्इन्द्रस्ते ह्येनन्नेदिष्ठं पस्पर्शुस्ते ह्येनत्प्रथमो विदाञ्चकार ब्रह्मेति ॥ २॥
HinduText AI से इस उपनिषद मन्त्र का ब्रह्मज्ञान समझें
उपनिषद मन्त्र संख्या 2 का आध्यात्मिक रहस्य