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अथर्ववेद

Kanda 10 • Sukta 1 • Mantra 31

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 10 • सूक्त 1 • मन्त्र 31

10.1.31

Mantra ID: 10.1.31

कृ॑त्या॒कृतो॑ वल॒गिनो॑ऽभिनिष्का॒रिणः॑ प्र॒जाम् । मृ॑णी॒हि कृ॑त्ये॒ मोच्छि॑षो॒ऽमून्कृ॑त्या॒कृतो॑ जहि ॥ (३१)

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अथर्ववेद मन्त्र 10.1.31 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे कृत्या! तू अपने रचयिता कपटी की संतान का विनाश कर. हे कृत्या! इन्हें मत छोड़. तू अपने रचयिता का विनाश कर दे. (३१)

EN English Translation

O act! Destroy the children of your Creator hypocrites. O act! Don't leave them. Destroy your Creator. (31)

卐 HinduText AI