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10.2.12
को अ॑स्मिन्रू॒पम॑दधा॒त्को म॒ह्मानं॑ च॒ नाम॑ च । गा॒तुं को अ॑स्मि॒न्कः के॒तुं कश्च॒रित्रा॑णि॒ पूरु॑षे ॥ (१२)
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अथर्ववेद मन्त्र 10.2.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
किस देव ने पुरुष में रूप, महिमा एवं नाम को धारण किया? इसे ज्ञान, चरित्र और गति किस देव ने प्रदान की? (१२)
EN English Translation
Which God assumed form, glory and name in man? Which god gave it knowledge, character and speed? (12)