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अथर्ववेद

Kanda 10 • Sukta 2

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 10

Kanda 10 • Sukta 2

30 Mantras Loaded
Mantra 10.2.1

केन॒ पार्ष्णी॒ आभृ॑ते॒ पूरु॑षस्य॒ केन॑ मां॒सं संभृ॑तं॒ केन॑ गु॒ल्फौ । केना॒ङ्गुलीः॒ पेश॑नीः॒ केन॒ खानि॒ केनो॑च्छ्ल॒ङ्खौ म॑ध्य॒तः कः प्र॑ति॒ष्ठाम् ॥ (१)

हि हिन्दी अनुवाद

मनुष्य की एड़ियों को, टखनों को और मांस को किस ने पुष्ट बनाया? मनुष्य की सुंदर उंगलियों को किस ने पुष्ट किया? उंगलियों के मध्य में नसों को किस ने स्थित किया? (१)

EN English Translation

Who strengthened man's ankles, ankles, and flesh? Who confirmed man's beautiful fingers? Who positioned the veins in the middle of the fingers? (1)

Mantra 10.2.2

कस्मा॒न्नु गु॒ल्फावध॑रावकृण्वन्नष्ठी॒वन्ता॒वुत्त॑रौ॒ पूरु॑षस्य । जङ्घे॑ नि॒रृत्य॒ न्यदधुः॒ क्व स्वि॒ज्जानु॑नोः स॒न्धी क उ॒ तच्चि॑केत ॥ (२)

हि हिन्दी अनुवाद

नीचे के टखनों को किस से बनाया गया? पुरुष के घुटनों को, जांघों को तथा चरणों के मध्य को किस से बनाया गया? घुटनों का जोड़ कहां है और उसे कौन जानता है? (२)

EN English Translation

What are the bottom ankles made of? What is the man's knees, thighs and legs made from? Where is the joint of the knees and who knows it? (2)

Mantra 10.2.3

चतु॑ष्टयं युज्यते॒ संहि॑तान्तं॒ जानु॑भ्यामू॒र्ध्वं शि॑थि॒रं कब॑न्धम् । श्रोणी॒ यदू॒रू क उ॒ तज्ज॑जान॒ याभ्यां॒ कुसि॑न्धं॒ सुदृ॑ढं ब॒भूव॑ ॥ (३)

हि हिन्दी अनुवाद

घुटनों के ऊपर चारों भाग हैं-शिथिल, धड़, कंधे और जंघाएं. इन्हें किस ने बनाया, जिस से शरीर का भाग धड़ दृढ़ हुआ? (३)

EN English Translation

There are four parts above the knees - lax, torso, shoulders and thighs. Who made them, so that the part of the body became torso strengthened? (3)

Mantra 10.2.4

कति॑ दे॒वाः क॑त॒मे त आ॑स॒न्य उरो॑ ग्री॒वाश्चि॒क्युः पूरु॑षस्य । कति॒ स्तनौ॒ व्यदधुः॒ कः क॑फो॒डौ कति॑ स्क॒न्धान्कति॑ पृ॒ष्टीर॑चिन्वन् ॥ (४)

हि हिन्दी अनुवाद

वे देव कितने थे, जिन्होंने पुरुष के हृदय को और गरदन को बनाया? कितने देवों ने पुरुष के स्तन बनाए. फेफड़ों को किस ने बनाया? कंधों की रचना कितने देवों ने की? पीठ की रचना कितने देवों ने की? (४)

EN English Translation

How many gods were those who made a man's heart and neck? How many gods made man's breasts? Who made the lungs? How many gods created the shoulders? How many devas composed the peetha? (4)

Mantra 10.2.5

को अ॑स्य बा॒हू सम॑भरद्वी॒र्यं करवा॒दिति॑ । अंसौ॒ को अ॑स्य॒ तद्दे॒वः कुसि॑न्धे॒ अध्या द॑धौ ॥ (५)

हि हिन्दी अनुवाद

किस देव ने मनुष्य के बाहुओं को शक्ति से भर दिया और किस ने उस में वीर्य की रचना की? पुरुष के कंधों की रचना करने वाला देव कीन है? इसे धड़ पर किस ने स्थापित किया? (५)

EN English Translation

Which God filled man's arms with power and who created semen in him? Who is the god who creates a man's shoulders? Who installed it on the fuselage? (5)

Mantra 10.2.6

कः स॒प्त खानि॒ वि त॑तर्द शी॒र्षणि॒ कर्णा॑वि॒मौ नासि॑के॒ चक्ष॑णी॒ मुख॑म् । येषां॑ पुरु॒त्रा वि॑ज॒यस्य॑ म॒ह्मनि॒ चतु॑ष्पादो द्वि॒पदो॑ यन्ति॒ याम॑म् ॥ (६)

हि हिन्दी अनुवाद

मनुष्य के सिर में सात छेद अर्थात्‌ दो कान, दो नथुने, दो आंखें और एक मुख किस देव ने बनाया? इन्हीं देवों की महिमा से दो पैरों और चार पैरों वाले प्राणी अनेक स्थानों में गति करते हुए यमराज के स्थान पर जाते हैं. (६)

EN English Translation

Who made seven holes in a man's head i.e. two ears, two nostrils, two eyes and one face? With the glory of these gods, creatures with two legs and four legs go to the place of Yamraj while moving in many places. (6)

Mantra 10.2.7

हन्वो॒र्हि जि॒ह्वामद॑धात्पुरू॒चीमधा॑ म॒हीमधि॑ शिश्राय॒ वाच॑म् । स आ व॑रीवर्ति॒ भुव॑नेष्व॒न्तर॒पो वसा॑नः॒ क उ॒ तच्चि॑केत ॥ (७)

हि हिन्दी अनुवाद

अनेक स्थलों को छूने वाली जीभ को ठोड़ी में किस ने स्थापित किया? जीभ में वाणी की स्थापना किस ने की. अपने शरीर के भीतर जल को धारण करता हुआ कौन सा देव प्राणियों में व्याप्त है? उस का जानने वाला कौन है? (७)

EN English Translation

Who installed the tongue touching many places in the chin? Who established speech in the tongue. Which god is present in the creatures holding water within his body? Who knows him? (7)

Mantra 10.2.8

म॒स्तिष्क॑मस्य यत॒मो ल॒लाटं॑ क॒काटि॑कां प्रथ॒मो यः क॒पाल॑म् । चि॒त्वा चित्यं॒ हन्वोः॒ पूरु॑षस्य॒ दिवं॑ रुरोह कत॒मः स दे॒वः ॥ (८)

हि हिन्दी अनुवाद

इस का मस्तिष्क, ललाट और जबड़ों के जोड़ एवं कपाल किस ने बनाया? वह देव कौन सा है? पुरुष की ठोड़ी की हड्डियों को जोड़ कर जो स्वर्ग को गया था, वह देव कौन सा है? (८)

EN English Translation

Who made the brain, frontal and jaw joints and skulls of it? Which god is that? Who is the God who went to heaven by connecting the bones of a man's chin? (8)

Mantra 10.2.9

प्रि॑याप्रि॒याणि॑ बहु॒ला स्वप्नं॑ संबाधत॒न्द्र्यः । आ॑न॒न्दानु॒ग्रो नन्दां॑श्च॒ कस्मा॑द्वहति॒ पूरु॑षः ॥ (९)

हि हिन्दी अनुवाद

मनुष्य के प्रिय और अप्रिय स्वप्नों को, संबंधित इंद्रियों को, आनंद को तथा दुःख को कौन सा देव धारण करता है? (९)

EN English Translation

Which God holds man's beloved and unpleasant dreams, related senses, joy and sorrow? (9)

Mantra 10.2.10

आर्ति॒रव॑र्ति॒र्निरृ॑तिः॒ कुतो॒ नु पुरु॒षेऽम॑तिः । राद्धिः॒ समृ॑द्धि॒रव्यृ॑द्धिर्म॒तिरुदि॑तयः॒ कुतः॑ ॥ (१०)

हि हिन्दी अनुवाद

पुरुष में पाप, आजीविका विरोधी तत्त्व, दुष्कर्म आदि कहां से प्राप्त होते हैं? इसे ऋद्धि, सिद्धि, समृद्धि, बुद्धि एवं उन्नति कहां से प्राप्त होती है. (१०)

EN English Translation

Where do sins, anti-livelihood elements, misdeeds, etc. come from in a man? Where does it get riddhi, siddhi, prosperity, intelligence and progress? (10)

Mantra 10.2.11

को अ॑स्मि॒न्नापो॒ व्यदधात्विषू॒वृतः॑ पुरू॒वृतः॑ सिन्धु॒सृत्या॑य जा॒ताः । ती॒व्रा अ॑रु॒णा लोहि॑नीस्ताम्रधू॒म्रा ऊ॒र्ध्वा अवा॑चीः॒ पुरु॑षे ति॒रश्चीः॑ ॥ (११)

हि हिन्दी अनुवाद

इस पुरुष में सर्वत्र विद्यमान सागर को और सदा तेजी से बहने वाले जलों को किस ने प्रविष्ट किया है जो लाल, लोहित, तांबई एवं धुमेले रंग के हैं? इन जलों को ऊपर, नीचे और तिरछा जाने की शक्ति किस ने प्रदान की? (११)

EN English Translation

Who has entered this man the ocean everywhere and the ever-flowing waters which are red, lohit, copper and smokeless in colour? Who gave these waters the power to go up, down and slant? (11)

Mantra 10.2.12

को अ॑स्मिन्रू॒पम॑दधा॒त्को म॒ह्मानं॑ च॒ नाम॑ च । गा॒तुं को अ॑स्मि॒न्कः के॒तुं कश्च॒रित्रा॑णि॒ पूरु॑षे ॥ (१२)

हि हिन्दी अनुवाद

किस देव ने पुरुष में रूप, महिमा एवं नाम को धारण किया? इसे ज्ञान, चरित्र और गति किस देव ने प्रदान की? (१२)

EN English Translation

Which God assumed form, glory and name in man? Which god gave it knowledge, character and speed? (12)

Mantra 10.2.13

को अ॑स्मिन्प्रा॒णम॑वय॒त्को अ॑पा॒नं व्या॒नमु॑ । स॑मा॒नम॑स्मि॒न्को दे॒वोऽधि॑ शिश्राय॒ पूरु॑षे ॥ (१३)

हि हिन्दी अनुवाद

इस पुरुष में प्राण, अपान एवं व्यान वायु को किस ने धारण किया? इस पुरुष में समान वायु को किस ने आश्रित किया? (१३)

EN English Translation

Who possessed the air of life, apana and vyana in this man? Who depended on the same air in this man? (13)

Mantra 10.2.14

को अ॑स्मिन्य॒ज्ञम॑दधा॒देको॑ दे॒वोऽधि॒ पूरु॑षे । को अ॑स्मिन्त्स॒त्यं कोऽनृ॑तं॒ कुतो॑ मृ॒त्युः कुतो॒ऽमृत॑म् ॥ (१४)

हि हिन्दी अनुवाद

किस प्रधान देव ने इस पुरुष में यज्ञ रूप कर्म को स्थापित किया है? इस में सत्य, असत्य, अमृत और मृत्यु की स्थापना किस ने की? (१४)

EN English Translation

Which chief god has established yajna form karma in this man? Who established truth, untruth, nectar and death in this? (14)

Mantra 10.2.15

को अ॑स्मै॒ वासः॒ पर्य॑दधा॒त्को अ॒स्यायु॑रकल्पयत् । बलं॒ को अ॑स्मै॒ प्राय॑च्छ॒त्को अ॑स्याकल्पयज्ज॒वम् ॥ (१५)

हि हिन्दी अनुवाद

इस पुरुष के शरीर पर त्वचा रूपी वस्त्र किस ने रखा और इस की आयु की रचना किस देव ने की? इस पुरुष के लिए बल किस देव ने प्रदान किया और किसने इसे गति दी? (१५)

EN English Translation

Who put the skin cloth on this man's body and which god created his age? Which god provided the force for this man and who gave it momentum? (15)

Mantra 10.2.16

केनापो॒ अन्व॑तनुत॒ केना॑हरकरोद्रु॒चे । उ॒षसं॒ केनान्वै॑न्द्ध॒ केन॑ सायंभ॒वं द॑दे ॥ (१६)

हि हिन्दी अनुवाद

किस देव ने इस पुरुष के लिए जल की रचना की और किस ने इस के लिए प्रकाश वाला दिवस बनाया? उषा को किस देव ने उज्ज्वल किया तथा सायंकाल किस ने प्रदान किया? (१६)

EN English Translation

Which God created water for this man and who made the day of light for this? Which god brightened Usha and who gave her the evening? (16)

Mantra 10.2.17

को अ॑स्मि॒न्रेतो॒ न्यदधा॒त्तन्तु॒रा ता॑यता॒मिति॑ । मे॒धां को अ॑स्मि॒न्नध्यौ॑ह॒त्को बा॒णं को नृतो॑ दधौ ॥ (१७)

हि हिन्दी अनुवाद

इस पुरुष में वीर्य का आधान किस ने किया, जिस से प्रजा रूपी तंतु का विस्तार हो सके? इस पुरुष में बुद्धि की स्थापना किस देव ने की तथा किस ने इस में बाण धारण किया? (१७)

EN English Translation

Who has done the transfusion of semen in this man, so that the fiber of the people can expand? Which god established the intellect in this man and who put an arrow in it? (17)

Mantra 10.2.18

केने॒मां भूमि॑मौर्णो॒त्केन॒ पर्य॑भव॒द्दिव॑म् । केना॒भि म॒ह्ना पर्व॑ता॒न्केन॒ कर्मा॑णि॒ पुरु॑षः ॥ (१८)

हि हिन्दी अनुवाद

पुरुष ने किस प्रकार से भूमि को आवृत किया तथा यह किस प्रभाव से स्वर्ग पर आरूढ़ हुआ? यह पुरुष किस प्रभाव से पर्वतों पर आरोहण करता और कर्म करता है? (१८)

EN English Translation

How did the man cover the land and by what effect did it ascend to heaven? Under what influence does this man climb mountains and perform deeds? (18)

Mantra 10.2.19

केन॑ प॒र्जन्य॒मन्वे॑ति॒ केन॒ सोमं॑ विचक्ष॒णम् । केन॑ य॒ज्ञं च॑ श्र॒द्धां च॒ केना॑स्मि॒न्निहि॑तं॒ मनः॑ ॥ (१९)

हि हिन्दी अनुवाद

यह पुरुष किस प्रभाव से बादलों को प्राप्त करता और सोमलता को खोजता है? यह पुरुष यज्ञ को और श्रद्धा को किस के द्वारा प्राप्त करता है तथा इस के मन को उत्तम कमों में किस ने संलग्न किया है? (१९)

EN English Translation

With what effect does this man acquire clouds and search for Somlata? Through whom does this man attain yajna and reverence and who has engaged his mind in the best of the lowest? (19)

Mantra 10.2.20

केन॒ श्रोत्रि॑यमाप्नोति॒ केने॒मं प॑रमे॒ष्ठिन॑म् । केने॒मम॒ग्निं पूरु॑षः॒ केन॑ संवत्स॒रं म॑मे ॥ (२०)

हि हिन्दी अनुवाद

यह पुरुष किस के द्वारा श्रोत्रिय ब्राह्मण को प्राप्त करता है? यह किस के द्वारा परमेष्ठी को पाता है? यह पुरुष अग्नि को किस के द्वारा प्रेरित करता है और संवत्सर की गणना कैसे कर पाता है? (२०)

EN English Translation

Through whom does this man attain the Shrotriya Brahmin? By whom does it find Parmeshti? By whom does this man inspire agni and how is he able to calculate samvatsar? (20)

Mantra 10.2.21

ब्रह्म॒ श्रोत्रि॑यमाप्नोति॒ ब्रह्मे॒मं प॑रमेष्ठिनम् । ब्रह्मे॒मम॒ग्निं पूरु॑षो॒ ब्रह्म॑ संवत्स॒रं म॑मे ॥ (२१)

हि हिन्दी अनुवाद

ब्रह्म श्रोत्रिय को प्राप्त करता है और ब्रह्म ही परमेष्ठी को प्राप्त करता है. ब्रह्म ही यह पुरुष है और अग्नि को प्राप्त करता है तथा संवत्सर की गणना करता है. (२१)

EN English Translation

Brahma attains shrotriya and Brahma attains Parameshti. Brahman is this man and attains agni and calculates samvatsar. (21)

Mantra 10.2.22

केन॑ दे॒वाँ अनु॑ क्षियति॒ केन॒ दैव॑जनीर्विशः । केने॒दम॒न्यन्नक्ष॑त्रं॒ केन॒ सत्क्ष॒त्रमु॑च्यते ॥ (२२)

हि हिन्दी अनुवाद

पुरुष किस कर्म के द्वारा देवों की अनुकूलता प्राप्त करता है तथा किस कर्म को देवी प्रजा के अनुकूल बनाता है. यह पुरुष इस कर्म के द्वारा क्षत्र नहीं बनता और किस कर्म के द्वारा क्षत्र कहलाता है? (२२)

EN English Translation

Through which karma does a man attain the compatibility of the gods and which karma makes the goddess compatible with the people. This man does not become kshatra through this action and by what karma is he called kshatra? (22)

Mantra 10.2.23

ब्रह्म॑ दे॒वाँ अनु॑ क्षियति॒ ब्रह्म॒ दैव॑जनी॒र्विशः॑ । ब्रह्मे॒दम॒न्यन्नक्ष॑त्रं॒ ब्रह्म॒ सत्क्ष॒त्रमु॑च्यते ॥ (२३)

हि हिन्दी अनुवाद

ब्रह्म देवों के अनुकूल रहता है तथा ब्रह्म ही दैवी प्रजाओं के अनुकूल व्यवहार करता है. ब्रह्म ही क्षत्र का अभाव है और ब्रह्म ही उत्तम धन कहलाता है. (२३)

EN English Translation

Brahma is compatible with the gods and Brahman behaves according to the divine subjects. Brahman is the absence of the region and Brahman is called the best wealth. (23)

Mantra 10.2.24

केने॒यं भूमि॒र्विहि॑ता॒ केन॒ द्यौरुत्त॑रा हि॒ता । केने॒दमू॒र्ध्वं ति॒र्यक्चा॒न्तरि॑क्षं॒ व्यचो॑ हि॒तम् ॥ (२४)

हि हिन्दी अनुवाद

इस भूमि को किस ने स्थापित किया है तथा द्रौ को इस के ऊपर किस ने स्थित किया है? यह ऊपर का भाग, तिरछा भाग एवं अनेक प्राणियों के लिए हितकारी अंतरिक्ष किस ने बनाया? (२४)

EN English Translation

Who has established this land and who has placed Draupadi over it? Who created this upper part, oblique part and a space beneficial for many creatures? (24)

Mantra 10.2.25

ब्रह्म॑णा॒ भूमि॒र्विहि॑ता॒ ब्रह्म॒ द्यौरुत्त॑रा हि॒ता । ब्रह्मे॒दमू॒र्ध्वं ति॒र्यक्चा॒न्तरि॑क्षं॒ व्यचो॑ हि॒तम् ॥ (२५)

हि हिन्दी अनुवाद

ब्रह्म ने भूमि को स्थापित किया है और ब्रह्म ने ही इस के ऊपरी भाग में द्यौ को स्थित किया है. ब्रह्म ही ऊपर एवं तिरछा है तथा ब्रह्म ने अनेक प्राणियों के हितकारी अंतरिक्ष की रचना की है. (२५)

EN English Translation

Brahma has established the land and Brahma has located Dyau in its upper part. Brahma is the top and slant and Brahman has created the beneficial space of many beings. (25)

Mantra 10.2.26

मू॒र्धान॑मस्य सं॒सीव्याथ॑र्वा॒ हृद॑यं च॒ यत् । म॒स्तिष्का॑दू॒र्ध्वः प्रैर॑य॒त्पव॑मा॒नोऽधि॑ शीर्ष॒तः ॥ (२६)

हि हिन्दी अनुवाद

अथर्वा ने मूर्धा और हृदय की एकरूपता स्थापित की. इस ऊपर गमन करने वाले पवन ने मस्तिष्क के द्वारा उत्तम प्रेरणा प्रदान की. (२६)

EN English Translation

Atharva established the uniformity of the heart and the heart.

Mantra 10.2.27

तद्वा अथ॑र्वणः॒ शिरो॑ देवको॒शः समु॑ब्जितः । तत्प्रा॒णो अ॒भि र॑क्षति॒ शिरो॒ अन्न॒मथो॒ मनः॑ ॥ (२७)

हि हिन्दी अनुवाद

अथर्वा की वह वाणी देवकोष के रूप में उपस्थित हुई. प्राण और मन उस अन्नमय शीश की रक्षा करते हैं. (२७)

EN English Translation

That speech of Atharva appeared as Devkosh. Life and mind protect that grainy head. (27)

Mantra 10.2.28

ऊ॒र्ध्वो नु सृ॒ष्टास्ति॒र्यङ्नु सृ॒ष्टा३स्सर्वा॒ दिशः॒ पुरु॑ष॒ आ ब॑भू॒वाँ३ । पुरं॒ यो ब्रह्म॑णो॒ वेद॒ यस्याः॒ पुरु॑ष उ॒च्यते॑ ॥ (२८)

हि हिन्दी अनुवाद

जिस ब्रह्म को पुरुष कहा जाता है, उस की पुरी को जो जानता है, उसी ने ऊपरी और तिरछे भागों का निर्माण किया है. वही पुरुष समस्त दिशाओं में व्याप्त है. (२८)

EN English Translation

He who knows the puri of Brahman, who is called purusha, has created the upper and oblique parts. The same man is pervading all directions. (28)

Mantra 10.2.29

यो वै तां ब्रह्म॑णो॒ वेदा॒मृते॒नावृ॑तां॒ पुर॑म् । तस्मै॒ ब्रह्म॑ च ब्रा॒ह्माश्च॒ चक्षुः॑ प्रा॒णं प्र॒जां द॑दुः ॥ (२९)

हि हिन्दी अनुवाद

जो व्यक्ति ब्रह्म की उस पुरी को जानता है, जो अमृत अर्थात्‌ मरणहीनता से ढकी हुई है, उस पुरुष को ब्रह्म एवं मंत्र चक्षु, प्राण एवं संतान प्रदान करते हैं. (२९)

EN English Translation

The person who knows that puri of Brahman, which is covered with nectar i.e. deathlessness, that man, Brahma and mantras give eyesight, life and children. (29)

Mantra 10.2.30

न वै तं चक्षु॑र्जहाति॒ न प्रा॒णो ज॒रसः॑ पु॒रा । पुरं॒ यो ब्रह्म॑णो॒ वेद॒ यस्याः॒ पुरु॑ष उ॒च्यते॑ ॥ (३०)

हि हिन्दी अनुवाद

जो ब्रह्म की पुरी अर्थात्‌ निवास स्थान को जानता है और उस में शयन करने के कारण ही ब्रह्म पुरुष कहा जाता है, उसे जो जानता है, वृद्धावस्था तक नेत्र एवं प्राण उस का त्याग नहीं करते. (३०)

EN English Translation

One who knows the puri of Brahman i.e. the place of residence and is called Brahma Purush because of sleeping in it, who knows him, eyes and soul do not give up him till old age. (30)

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