Popular:
अथर्ववेद

Kanda 10 • Sukta 2 • Mantra 17

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 10 • सूक्त 2 • मन्त्र 17

10.2.17

Mantra ID: 10.2.17

को अ॑स्मि॒न्रेतो॒ न्यदधा॒त्तन्तु॒रा ता॑यता॒मिति॑ । मे॒धां को अ॑स्मि॒न्नध्यौ॑ह॒त्को बा॒णं को नृतो॑ दधौ ॥ (१७)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 10.2.17 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

इस पुरुष में वीर्य का आधान किस ने किया, जिस से प्रजा रूपी तंतु का विस्तार हो सके? इस पुरुष में बुद्धि की स्थापना किस देव ने की तथा किस ने इस में बाण धारण किया? (१७)

EN English Translation

Who has done the transfusion of semen in this man, so that the fiber of the people can expand? Which god established the intellect in this man and who put an arrow in it? (17)

卐 HinduText AI