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अथर्ववेद

Kanda 10 • Sukta 9 • Mantra 11

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 10 • सूक्त 9 • मन्त्र 11

10.9.11

Mantra ID: 10.9.11

घृ॒तं प्रो॒क्षन्ती॑ सु॒भगा॑ दे॒वी दे॒वान्ग॑मिष्यति । प॒क्तार॑मघ्न्ये॒ मा हिं॑सी॒र्दिवं॒ प्रेहि॑ शतौदने ॥ (११)

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अथर्ववेद मन्त्र 10.9.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

घी टपकाती हुई, सौभाग्यशालिनी एवं दिव्य गुणयुक्त शतौदना गौ देवों के समीप जाएगी. हे हिंसा के अयोग्य शतौदना गौ! तू अपने पालने वाले की हिंसा मत कर और स्वर्ग को जा. (११)

EN English Translation

The ghee will go to the cow gods with a golden and divine quality. O unworthy cow of violence! Do not commit violence against your shepherd and go to heaven. (11)

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