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अथर्ववेद

Kanda 10 • Sukta 9 • Mantra 13

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 10 • सूक्त 9 • मन्त्र 13

10.9.13

Mantra ID: 10.9.13

यत्ते॒ शिरो॒ यत्ते॒ मुखं॒ यौ कर्णौ॒ ये च॑ ते॒ हनू॑ । आ॒मिक्षां॑ दुह्रतां दा॒त्रे क्षी॒रं स॒र्पिरथो॒ मधु॑ ॥ (१३)

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अथर्ववेद मन्त्र 10.9.13 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शतौदना गौ! तेरा जो शीश, तेरा जो मुख, तेरे जो दो कान एवं तेरी ठोड़ी है-ये सब अंग तेरे दानदाता को दही, मधुर दूध एवं घी देते रहें. (१३)

EN English Translation

O Shataudana Gau! May your head, your mouth, your two ears and your chin - all these organs give curd, sweet milk and ghee to your donor. (13)

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