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अथर्ववेद

Kanda 10 • Sukta 9 • Mantra 15

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 10 • सूक्त 9 • मन्त्र 15

10.9.15

Mantra ID: 10.9.15

यत्ते॑ क्लो॒मा यद्धृद॑यं पुरी॒तत्स॒हक॑ण्ठिका । आ॒मिक्षां॑ दुह्रतां दा॒त्रे क्षी॒रं स॒र्पिरथो॒ मधु॑ ॥ (१५)

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अथर्ववेद मन्त्र 10.9.15 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शतौदना गौ! तेरा क्लोम, हृदय, मलाशय और गला तेरे दानदाता को सदा दही, मधुर दूध और घी देते रहें. (१५)

EN English Translation

O Shataudana Gau! May your branch, heart, rectum and throat always give curd, sweet milk and ghee to your donor. (15)

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