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11.6.8
नम॑स्ते प्राण प्राण॒ते नमो॑ अस्त्वपान॒ते । प॑रा॒चीना॑य ते॒ नमः॑ प्रती॒चीना॑य ते॒ नमः॒ सर्व॑स्मै त इ॒दं नमः॑ ॥ (८)
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अथर्ववेद मन्त्र 11.6.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे प्राण देव! सांस लेने का व्यापार करने वाले तुम्हें नमस्कार है तथा अपान वायु छोड़ने वाले तुम्हें नमस्कार है. अधिक कहने से क्या लाभ है, समस्त व्यापार अर्थात् क्रियाएं करने वाले तुम्हें नमस्कार है. (८)
EN English Translation
O Life God! Salutations to those who do the business of breathing and salutations to those who leave your air. What is the benefit of saying more, salutations to you who do all the business i.e. actions. (8)