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अथर्ववेद

Kanda 11 • Sukta 7 • Mantra 19

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 11 • सूक्त 7 • मन्त्र 19

11.7.19

Mantra ID: 11.7.19

ब्र॑ह्म॒चर्ये॑ण॒ तप॑सा दे॒वा मृ॒त्युमपा॑घ्नत । इन्द्रो॑ ह ब्रह्म॒चर्ये॑ण दे॒वेभ्यः॒ स्वराभ॑रत् ॥ (१९)

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अथर्ववेद मन्त्र 11.7.19 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

ब्रह्मचर्य रूपी तप के द्वारा देवों ने मृत्यु का हनन कर दिया अर्थात्‌ देव अमर हो गए. इंद्र ने ब्रह्मचर्य के द्वारा देवों के लिए स्वर्ग पर अधिकार किया. (१९)

EN English Translation

Through the penance of celibacy, the gods violated death, that is, the gods became immortal. Indra conquered heaven for the gods through celibacy. (19)

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