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अथर्ववेद

Kanda 11 • Sukta 8 • Mantra 20

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 11 • सूक्त 8 • मन्त्र 20

11.8.20

Mantra ID: 11.8.20

सर्वा॑न्दे॒वानि॒दं ब्रू॑मः स॒त्यसं॑धानृता॒वृधः॑ । सर्वा॑भिः॒ पत्नी॑भिः स॒ह ते नो॑ मुञ्च॒न्त्वंह॑सः ॥ (२०)

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अथर्ववेद मन्त्र 11.8.20 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हम कहे गए और न कहे गए सच्ची प्रतिज्ञा वाले और यज्ञ अथवा सत्य की रक्षा करने वाले सभी देवों की स्तुति करते हैं. वे सभी अपनी पत्नियों के साथ आएं और हमें पाप से मुक्त करें. (२०)

EN English Translation

We praise all the gods who have said and have not been said and who protect the truth or sacrifice or truth. May they all come with their wives and free us from sin. (20)

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