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अथर्ववेद

Kanda 14 • Sukta 2 • Mantra 75

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 14 • सूक्त 2 • मन्त्र 75

14.2.75

Mantra ID: 14.2.75

प्र बु॑ध्यस्वसु॒बुधा॒ बुध्य॑माना दीर्घायु॒त्वाय॑ श॒तशा॑रदाय । गृ॒हान्ग॑च्छ गृ॒हप॑त्नी॒यथासो॑ दी॒र्घं त॒ आयुः॑ सवि॒ता कृ॑णोतु ॥ (७५)

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अथर्ववेद मन्त्र 14.2.75 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे उत्तम बुद्धि वाली! जगाई जाने पर तू सौ वर्ष की दीघार्यु प्राप्त करने के लिए जाग. तू गृहपत्नी बनने के लिए घर चल. सविता देव तुझे दीर्घ जीवन प्रदान करें. (७५)

EN English Translation

O great man! When you wake up, wake up to attain a hundred years of life. You go home to become a housewife. May Savita Dev give you a long life. (75)

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