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अथर्ववेद

Kanda 15 • Sukta 16 • Mantra 4

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 15 • सूक्त 16 • मन्त्र 4

15.16.4

Mantra ID: 15.16.4

तस्य॒व्रात्य॑स्य । योऽस्य॑ चतु॒र्थोऽपा॒नः सा श्र॒द्धा ॥ (४)

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अथर्ववेद मन्त्र 15.16.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

इस का चतुर्थ अपान श्रद्धा है. (४)

EN English Translation

Its fourth is your faith. (4)

卐 HinduText AI