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अथर्ववेद

Kanda 15 • Sukta 7 • Mantra 3

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 15 • सूक्त 7 • मन्त्र 3

15.7.3

Mantra ID: 15.7.3

ऐन॒मापो॑गच्छ॒त्यैनं॑ श्र॒द्धा ग॑च्छ॒त्यैनं॑ व॒र्षं ग॑च्छति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥ (३)

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अथर्ववेद मन्त्र 15.7.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जो इस बात को जानता है, जल उसे प्राप्त होते हैं. उसे श्रद्धा और वर्षा प्राप्त होती है. (३)

EN English Translation

He who knows this, he gets water. He receives reverence and rain. (3)

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