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अथर्ववेद

Kanda 2 • Sukta 23 • Mantra 4

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 2 • सूक्त 23 • मन्त्र 4

2.23.4

Mantra ID: 2.23.4

आपो॒ यद्वः॑ शो॒चिस्तेन॒ तं प्र॑ति शोचत॒ यो॑३ ऽस्मान्द्वेष्टि॒ यं व॒यं द्वि॒ष्मः ॥ (४)

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अथर्ववेद मन्त्र 2.23.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे जल देव! तुम्हारी जो दूसरों को शोकमग्न करने की शक्ति है, उस से उन्हें शोकमग्न करो जो हम से द्वेष करते हैं अथवा हम जिन से द्वेष करते हैं. (४)

EN English Translation

O God of Water! Grieve those who hate us or those we hate with the power you have to grieve others. (4)

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