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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 38 • Mantra 1

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 38 • मन्त्र 1

20.38.1

Mantra ID: 20.38.1

आ या॑हि सुषु॒मा हि त॒ इन्द्र॒ सोमं॒ पिबा॑ इ॒मम् । एदं ब॒र्हिः स॑दो॒ मम॑ ॥ (१)

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अथर्ववेद मन्त्र 20.38.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! हम ने सोमरस तैयार कर लिया है. तुम यहां हमारे यज्ञ में आओ तथा इन बिछी हुई कुशाओं पर बैठ कर सोमरस को पियो. (१)

EN English Translation

O Indra! We have prepared some of them. Come here to our yajna and sit on these scattered cushions and drink Somras. (1)

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