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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 40 • Mantra 3

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 40 • मन्त्र 3

20.40.3

Mantra ID: 20.40.3

आदह॑ स्व॒धामनु॒ पुन॑र्गर्भ॒त्वमे॑रि॒रे । दधा॑ना॒ नाम॑ य॒ज्ञिय॑म् ॥ (३)

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अथर्ववेद मन्त्र 20.40.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हवि स्वीकार कर के इंद्र शक्तिशाली बनते हैं और याज्ञिक नाम प्राप्त करते हैं. (३)

EN English Translation

By accepting Havi, Indra becomes powerful and gets a yagnik name. (3)

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