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20.71.8
एमे॑नं सृजता सु॒ते म॒न्दिमिन्द्रा॑य म॒न्दिने॑ । चक्रिं॒ विश्वा॑नि॒ चक्र॑ये ॥ (८)
शास्त्र जिज्ञासा: इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
अथर्ववेद मन्त्र 20.71.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अध्वर्युजनो! तुम उक्थ मंत्र बोलते हुए सोमरस को चमसों के द्वारा मिलाओ. यह सोम निचुड़ जाने पर इंद्र को प्रसन्न करता है. (८)
EN English Translation
O Swami! You mix somras with spoons while chanting the uktha mantra. This soma pleases Indra when he is gone. (8)