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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 74 • Mantra 6

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 74 • मन्त्र 6

20.74.6

Mantra ID: 20.74.6

पता॑ति कुण्डृ॒णाच्या॑ दू॒रं वातो॒ वना॒दधि॑ । आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ ॥ (६)

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शास्त्र जिज्ञासा: इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 20.74.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

📜 वैदिक संदर्भ

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

वायु बवंडर के द्वारा जंगल से दूर प्रस्थान करती हैं. हे इंद्र! हमारे गौ आदि पशुओं के श्रेष्ठ होने की बात कहो. (६)

EN English Translation

Air departs away from the forest through tornadoes. O Indra! Talk about the superiority of our cows etc. animals. (6)

🕉️ शास्त्र जिज्ञासा