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3.20.4
सोमं॒ राजा॑न॒मव॑से॒ऽग्निं गी॒र्भिर्ह॑वामहे । आ॑दि॒त्यं विष्णुं॒ सूर्यं॑ ब्र॒ह्माणं॑ च॒ बृह॒स्पति॑म् ॥ (४)
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अथर्ववेद मन्त्र 3.20.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हम तेजस्वी सोम और अग्नि को स्तुति रूपी वचनों के द्वारा यहां बुलाते हैं. वे हमारा मनचाहा फल दे कर हमारी रक्षा करें. हम अदिति के पुत्र, मित्र और वरुण को, सब के प्रेरक सूर्य को तथा इन सभी देवों को बनाने वाले ब्रह्मा को तथा देवों के हितकारक बृहस्पति को बुलाते हैं. (४)
EN English Translation
We call the stunning Soma and Agni here with words of praise. They should protect us by giving us the fruits we want. We call Aditi's son, friend and Varuna, the inspired Sun of all, Brahma, the creator of all these gods, and Jupiter, the benefactor of the gods. (4)