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6.50.1
ह॒तं त॒र्दं स॑म॒ङ्कमा॒खुम॑श्विना छि॒न्तं शिरो॒ अपि॑ पृ॒ष्टीः शृ॑णीतम् । यवा॒न्नेददा॒नपि॑ नह्यतं॒ मुख॒मथाभ॑यं कृणुतं धा॒न्याय ॥ (१)
शास्त्र जिज्ञासा: इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
अथर्ववेद मन्त्र 6.50.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अश्विनीकुमारो! हिंसक एवं बिल में प्रवेश करने वाले चूहे का विनाश करो. उस का सिर काट डालो तथा उस की पीठ की हड्डी चूरचूर कर दो. चूहा हमारे जौ नहीं खा पाए, इसलिए उस का मुंह बंद कर दो. ऐसा कर के तुम धान्य के लिए अभय करो. (१)
EN English Translation
O Ashwinikumaro! Destroy the violent and burrowing rat. Cut off his head and crush his back bone. The rat could not eat our barley, so close its mouth. By doing this, you should be afraid for grain. (1)