Popular:
अथर्ववेद

Kanda 6 • Sukta 69 • Mantra 1

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 6 • सूक्त 69 • मन्त्र 1

6.69.1

Mantra ID: 6.69.1

गि॒राव॑र॒गरा॑टेषु॒ हिर॑ण्ये॒ गोषु॒ यद्यशः॑ । सुरा॑यां सि॒च्यमा॑नायां की॒लाले॒ मधु॒ तन्मयि॑ ॥ (१)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 6.69.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हिमालय पर्वत में जो यश है, रथ में बैठ कर चलने वाले राजाओं में, स्वर्ण में और गायों में जो यश है, वह मुझे प्राप्त हो. पात्रों में ढाली जाती हुई मदिरा में और अन्न में जो मधुर रस रूपी यश है, वह मुझे प्राप्त हो. (१)

EN English Translation

May I have the fame in the Himalayan mountains, the fame in the kings who sit in the chariot, in gold and in the cows. May I get the sweet juice-like fame in the wine and food molded in the characters. (1)

卐 HinduText AI