Answer on: हिंदू धर्म में इतने देवी-देवता क्यों हैं?
ऋग्वेद (१.१६४.४६) का शाश्वत महावाक्य है: 'एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति' — सत्य (ईश्वर) एक ही है, ज्ञानी जन उसे अनेक नामों और रूपों में पुकारते हैं। जैसे एक ही जल को विभिन्न भाषाओं में पानी, Water, नीर कहा जाता है, वैसे ही परब्रह्म के विभिन्न कार्य और रूप हैं।