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ऋग्वेद

Mandal 1 • Sukta 191 • Mantra / Rik 15

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 1 • सूक्त 191 • ऋचा / मन्त्र 15

1.191.15

Mantra ID: 1.191.15

इ॒य॒त्त॒कः कु॑षुम्भ॒कस्त॒कं भि॑न॒द्म्यश्म॑ना । ततो॑ वि॒षं प्र वा॑वृते॒ परा॑ची॒रनु॑ सं॒वतः॑ ॥ (१५)

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ऋग्वेद मन्त्र 1.191.15 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शरीर! छोटा सा नकुल यदि तुम्हारा विष समाप्त नहीं करेगा तो मैं उसे पत्थर से मार डालूंगा. इस प्रकार विष मेरे शरीर से निकलकर दूर दिशाओं में चला जाए. (१५)

EN English Translation

O body! If the little nakul does not finish your poison, I will stone him to death. Thus the poison comes out of my body and goes in distant directions. (15)

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