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ऋग्वेद

Mandal 1 • Sukta 191 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 1 • सूक्त 191 • ऋचा / मन्त्र 6

1.191.6

Mantra ID: 1.191.6

द्यौर्वः॑ पि॒ता पृ॑थि॒वी मा॒ता सोमो॒ भ्रातादि॑तिः॒ स्वसा॑ । अदृ॑ष्टा॒ विश्व॑दृष्टा॒स्तिष्ठ॑ते॒लय॑ता॒ सु क॑म् ॥ (६)

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ऋग्वेद मन्त्र 1.191.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सर्पो! आकाश तुम्हारा पिता, धरती माता, सोम भ्राता और अदिति तुम्हारी बहिन है. तुम्हें कोई नहीं देख पाता, पर तुम सबको देखते हो. तुम अपने स्थान में रहो एवं सुखपूर्वक गमन करो. (६)

EN English Translation

O serpent! Akash is your father, Mother Earth, Som Bharata and Aditi is your sister. No one can see you, but you see everyone. Stay in your place and move happily. (6)

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