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1.37.11
त्यं चि॑द्घा दी॒र्घं पृ॒थुं मि॒हो नपा॑त॒ममृ॑ध्रम् । प्र च्या॑वयन्ति॒ याम॑भिः ॥ (११)
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ऋग्वेद मन्त्र 1.37.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
मरुद्गण अपनी तेज चाल से विस्तृत, मोटे, जल न बरसाने वाले, अपराजेय एवं प्रसिद्ध बादलों को भी कंपित कर देते हैं. (११)
EN English Translation
The deserts, with their fast speed, also vibrate wide, thick, non-raining, unbeatable and famous clouds. (11)