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ऋग्वेद

Mandal 1 • Sukta 37 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 1 • सूक्त 37 • ऋचा / मन्त्र 3

1.37.3

Mantra ID: 1.37.3

इ॒हेव॑ श‍ृण्व एषां॒ कशा॒ हस्ते॑षु॒ यद्वदा॑न् । नि याम॑ञ्चि॒त्रमृ॑ञ्जते ॥ (३)

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ऋग्वेद मन्त्र 1.37.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मरुतों के हाथ में रहने वाले चाबुक का शब्द हम सुन रहे हैं. चाबुक का वह शब्द युद्ध में हमारी शक्ति बढ़ाता है. (३)

EN English Translation

We are hearing the word of the whip in the hands of the maruts. That word of whip increases our power in war. (3)

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