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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 132 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 132 • ऋचा / मन्त्र 6

10.132.6

Mantra ID: 10.132.6

यु॒वोर्हि मा॒तादि॑तिर्विचेतसा॒ द्यौर्न भूमिः॒ पय॑सा पुपू॒तनि॑ । अव॑ प्रि॒या दि॑दिष्टन॒ सूरो॑ निनिक्त र॒श्मिभिः॑ ॥ (६)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.132.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे विशिष्ट ज्ञान वाले मित्र एवं वरुण! अदिति तुम्हारी माता है. तुम धरती और आकाश को जल से भर दो. तुम नीचे वाले लोक में प्रिय वस्तुएं दो एवं सूर्य की किरणों द्वारा सारे संसार को पवित्र बनाओ. (६)

EN English Translation

O friend of special knowledge and Varuna! Aditi is your mother. Fill the earth and the sky with water. You give dear things in the people below and sanctify the whole world by the rays of the sun. (6)

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