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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 135 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 135 • ऋचा / मन्त्र 7

10.135.7

Mantra ID: 10.135.7

इ॒दं य॒मस्य॒ साद॑नं देवमा॒नं यदु॒च्यते॑ । इ॒यम॑स्य धम्यते ना॒ळीर॒यं गी॒र्भिः परि॑ष्कृतः ॥ (७)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.135.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

यम का यही निवासस्थान देवों द्वारा निर्मित बताया जाता है. यम की प्रसन्नता के लिए यह बांसुरी बजाई जाती है और इसे स्तुतियों से सुशोभित किया जाता है. (७)

EN English Translation

This abode of Yama is said to be built by the devas. This flute is played for yama's delight and it is beautified with praises. (7)

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