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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 145 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 145 • ऋचा / मन्त्र 3

10.145.3

Mantra ID: 10.145.3

उत्त॑रा॒हमु॑त्तर॒ उत्त॒रेदुत्त॑राभ्यः । अथा॑ स॒पत्नी॒ या ममाध॑रा॒ साध॑राभ्यः ॥ (३)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.145.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे उत्तम ओषधि! मैं अपने पति की प्रधान नारियों में भी प्रधान बनूं. मेरी सौत निम्न से भी निम्न स्थान प्राप्त करे. (३)

EN English Translation

O the best medicine! I should also be the head of my husband's chief ladies. Get my son-in-law lower than the following. (3)

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