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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 184 • Mantra / Rik 2

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 184 • ऋचा / मन्त्र 2

10.184.2

Mantra ID: 10.184.2

गर्भं॑ धेहि सिनीवालि॒ गर्भं॑ धेहि सरस्वति । गर्भं॑ ते अ॒श्विनौ॑ दे॒वावा ध॑त्तां॒ पुष्क॑रस्रजा ॥ (२)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.184.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सिनीवाली! तुम गर्भ धारण कराओ. हे सरस्वती! तुम गर्भ की रक्षा करो. हे स्त्री! सुनहरे कमलों की माला पहनने वाले अश्विनीकुमार देव तुम्हारे शरीर में गर्भ धारण करें. (२)

EN English Translation

O Sinywali! You conceive. O Saraswati! You protect the womb. O woman! May AshwiniKumar Dev, who wears a garland of golden lotuses, conceive in your body. (2)

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