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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 184 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 184 • ऋचा / मन्त्र 3

10.184.3

Mantra ID: 10.184.3

हि॒र॒ण्ययी॑ अ॒रणी॒ यं नि॒र्मन्थ॑तो अ॒श्विना॑ । तं ते॒ गर्भं॑ हवामहे दश॒मे मा॒सि सूत॑वे ॥ (३)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.184.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे पत्नी! अश्विनीकुमार जिस स्वर्गनिर्मित अरणि का मंथन करते हैं, हम दशम मास में तुम्हारे गर्भ के जन्म के लिए उसी अरणि को बुलाते हैं. (३)

EN English Translation

Oh, wife! The heavenly arnai that Ashwinikumar churns out, we call the same arani for the birth of your womb in the tenth month. (3)

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