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10.59.2
साम॒न्नु रा॒ये नि॑धि॒मन्न्वन्नं॒ करा॑महे॒ सु पु॑रु॒ध श्रवां॑सि । ता नो॒ विश्वा॑नि जरि॒ता म॑मत्तु परात॒रं सु निरृ॑तिर्जिहीताम् ॥ (२)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.59.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हम परम आयुरूप धन पाने के लिए सामगान के साथ-साथ भक्षण योग्य अन्न एकत्र करते हैं. निर्त्रति हमारे सभी अन्नों का भक्षण करें एवं दूर देश को चले जावें. (२)
EN English Translation
We collect food grains as well as salmon to get the ultimate ageable wealth. Let nirtrati eat all our food grains and go to a distant country. (2)