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10.72.2
ब्रह्म॑ण॒स्पति॑रे॒ता सं क॒र्मार॑ इवाधमत् । दे॒वानां॑ पू॒र्व्ये यु॒गेऽस॑तः॒ सद॑जायत ॥ (२)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.72.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
लोहार जिस प्रकार धौंकनी चलाता है, उसी प्रकार ब्रह्मणस्पति ने देवों को उत्पन्न किया. देवों से पूर्व के समय में असत् से सत् उत्पन्न हुआ. (२)
EN English Translation
Just as the blacksmith wields the blower, so brahmaspati produced the gods. In the time before the gods, the truth arose from the asat. (2)