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10.72.6
यद्दे॑वा अ॒दः स॑लि॒ले सुसं॑रब्धा॒ अति॑ष्ठत । अत्रा॑ वो॒ नृत्य॑तामिव ती॒व्रो रे॒णुरपा॑यत ॥ (६)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 10.72.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे देवो! जब तुम इस जल में रहकर अपने को जानते हुए स्थित थे, तब तुम नृत्य सा करने लगे. इससे बहुत धूल उड़ी. (६)
EN English Translation
Oh, God! When you were in this water knowing yourself, you began to dance. It caused a lot of dust. (6)