Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
10.88.9
यं दे॒वासोऽज॑नयन्ता॒ग्निं यस्मि॒न्नाजु॑हवु॒र्भुव॑नानि॒ विश्वा॑ । सो अ॒र्चिषा॑ पृथि॒वीं द्यामु॒तेमामृ॑जू॒यमा॑नो अतपन्महि॒त्वा ॥ (९)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 10.88.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
जिस अग्नि को देवों ने उत्पन्न किया, जिस अग्ने में विश्व की सब वस्तुओं का हवन किया जाता है. वह ही सरल गति वाले अग्नि अपनी विशाल ज्वाला से इस धरती और स्वर्ग को तृप्त करते हैं. (९)
EN English Translation
The agni which the gods created, in which all the things of the world are worshipped. The same simple-speed agni satisfies this earth and heaven with its huge flame. (9)