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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 97 • Mantra / Rik 14

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 97 • ऋचा / मन्त्र 14

10.97.14

Mantra ID: 10.97.14

अ॒न्या वो॑ अ॒न्याम॑वत्व॒न्यान्यस्या॒ उपा॑वत । ताः सर्वाः॑ संविदा॒ना इ॒दं मे॒ प्राव॑ता॒ वचः॑ ॥ (१४)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.97.14 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे ओषधियो! तुम में से पहली दूसरी के और दूसरी तीसरी के पास जावे. इस प्रकार सब ओषधियां मिलकर मेरे वचन की रक्षा करें. (१४)

EN English Translation

O ladies! Let the first of you go to the second and the second to the third. So let all the drugs come together to protect My word. (14)

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