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3.55.12
मा॒ता च॒ यत्र॑ दुहि॒ता च॑ धे॒नू स॑ब॒र्दुघे॑ धा॒पये॑ते समी॒ची । ऋ॒तस्य॒ ते सद॑सीळे अ॒न्तर्म॒हद्दे॒वाना॑मसुर॒त्वमेक॑म् ॥ (१२)
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ऋग्वेद मन्त्र 3.55.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
माता धरती और पुत्री द्यौ अंतरिक्ष में दूध देने वाली गायों के समान मिलकर एकदूसरी को अपना रस पिलाती हैं. जल के स्थान अंतरिक्ष के मध्य स्थित धरती-आकाश की मैं स्तुति करता हूं. देवों का प्रमुख बल एक ही है. (१२)
EN English Translation
Mother Earth and daughter Dau together like milk-giving cows in space feed each other their juices. I praise the earth-sky in the middle of space, the place of water. The principal force of the gods is the same. (12)