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ऋग्वेद

Mandal 3 • Sukta 62 • Mantra / Rik 16

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 3 • सूक्त 62 • ऋचा / मन्त्र 16

3.62.16

Mantra ID: 3.62.16

आ नो॑ मित्रावरुणा घृ॒तैर्गव्यू॑तिमुक्षतम् । मध्वा॒ रजां॑सि सुक्रतू ॥ (१६)

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ऋग्वेद मन्त्र 3.62.16 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शोभन कर्म वाले मित्र व वरुण! हमारी गोशाला को दूध से सींच दो एवं हमारे घरों को मधुर रस से भर दो. (१६)

EN English Translation

O friend of shobhan karma and Varun! Irrigate our goshala with milk and fill our houses with sweet juice. (16)

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