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ऋग्वेद

Mandal 3 • Sukta 62 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 3 • सूक्त 62 • ऋचा / मन्त्र 9

3.62.9

Mantra ID: 3.62.9

यो विश्वा॒भि वि॒पश्य॑ति॒ भुव॑ना॒ सं च॒ पश्य॑ति । स नः॑ पू॒षावि॒ता भु॑वत् ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 3.62.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जो सूर्य सब लोकों को विशेष रूप से देखते हैं एवं सभी वस्तुओं को वास्तव में जानते हैं, वे हमारे रक्षक हैं. (९)

EN English Translation

The sun which sees all the realms in particular and really knows all things, they are our protectors. (9)

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