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ऋग्वेद

Mandal 6 • Sukta 35 • Mantra / Rik 4

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 6 • सूक्त 35 • ऋचा / मन्त्र 4

6.35.4

Mantra ID: 6.35.4

स गोम॑घा जरि॒त्रे अश्व॑श्चन्द्रा॒ वाज॑श्रवसो॒ अधि॑ धेहि॒ पृक्षः॑ । पी॒पि॒हीषः॑ सु॒दुघा॑मिन्द्र धे॒नुं भ॒रद्वा॑जेषु सु॒रुचो॑ रुरुच्याः ॥ (४)

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ऋग्वेद मन्त्र 6.35.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! हम स्तुति करने वाले भरद्वाजगोत्रीय ऋषियों को गाएं देने वाला एवं शक्तिशाली घोड़ों से युक्त प्रसिद्ध अन्न दो. तुम अन्नों तथा सरलता से दुही जाती गायों को हमें दो एवं उन्हें दीप्त बनाओ. (४)

EN English Translation

O Indra! We give the famous grain of praise to the rich sages who sing and contain powerful horses. You give us the grains and the cows that are easily milked and make them bright. (4)

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